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सड़क पर तड़पते रहे क्रिकेटर ऋषभ पंत, वीडियो बनाते रहे लोग, फिर दो शख्स बने मसीहा…

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जनवकालत न्यूज़

भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का शुक्रवार सुबह रुड़की के पास एक्सीडेंट हो गया। उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पंत कार से अपने घर जा रहे थे और हादसे के वक्त अकेले थे। रुड़की के नारसन बॉर्डर पर हम्मदपुर झाल के पास उनकी मर्सीडीज कार अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकरा गई। इसके बाद कार में आग लग गई और पलट गई। 

उत्तराखंड के डीजी अशोक कुमार ने बताया- पंत को गाड़ी चलाते वक्त झपकी आ गई थी। इसके बाद वह कार पर से नियंत्रण खो बैठे थे। हादसे के वक्त पंत कार में अकेले थे। एक्सीडेंट के बाद पंत को गाड़ी की खिड़की तोड़ बाहर निकाला गया था। पंत को सिर, पीठ और पैर में चोटें आई हैं। उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। 
बताया जा रहा है कि गाड़ी तेज स्पीड से पहले डिवाइडर के किनारे लगी और इसके बाद लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग से टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी रॉन्ग साइड में जा पहुंची। गाड़ी सड़क पर घसीटते हुए करीब 200 मीटर की दूरी पर जाकर थमी। इसके बाद उसमें आग लग गई।
 
 
बताया जा रहा है कि ऋषभ की गाड़ी में करीब तीन से चार लाख रुपए थे। घटना के बाद सारे रुपये सड़क पर बिखरे पड़े थे। वे वहां तड़पते रहे लेकिन इस दौरान कुछ लोग ऋषभ की मदद करने के बजाय नोट अपनी जेबों में भरने और वीडियो बनाने में मशगूल हो गए। 
 
वहीं, दो युवक इस दौरान मसीहा बनकर सामने आए। रुड़की के सक्षम अस्पताल में जब ऋषभ पंत को भर्ती कराया गया तो इस दौरान दो युवक भी थे। बताया जा रहा है कि कि इनमें से एक युवक पुरकाजी के समीप शकरपुर गांव का रहने वाला है। वह घटनास्थल से कुछ किलोमीटर दूर आगे लिब्बरहेरी में स्थित उत्तम शुगर मिल में नौकरी करता है।
 
सुबह के समय वह अपनी ड्यूटी पर जा रहा था। इसी दौरान उसने दुर्घटना में घायल हुए ऋषभ पंत को पहचान लिया। डॉ. सुशील नागर ने बताया कि अस्पताल में जब ऋषभ को लाया गया तो दो युवक भी थे। उन्होंने सही समय पर ऋषभ को अस्पताल पहुंचा दिया। 
 
ऋषभ पंत को देहरादून स्थित मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। बताया गया है कि यहां ऋषभ पंत की प्लास्टिक सर्जरी भी होगी। ऋषभ पंत के पैर में फ्रैक्चर आया है और माथे पर भी चोट है। माथे पर कुछ टांके लगाए गए हैं।
 
 
 

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