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जिला प्रशासन की अनूठी पहल ! मौज- मस्ती, आनंद और उल्लास लाया साल का आखिरी रविवार…

breaking रतलाम

रतलाम ।

वर्ष 2018 का आखरी रविवार रतलाम वासियों के लिए मौज- मस्ती, आनंद, उल्लास के अवसर लेकर उपस्थित हुआ। जिला प्रशासन ने फन-ए- रतलाम कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें सैकड़ों शहरवासियों ने उपस्थित होकर आनंद लिया। बच्चे, बड़े हर आयु वर्ग के व्यक्ति उत्साह के साथ इस आयोजन में शामिल हुए और यहां मौजूद व्यवस्थाओं का आनंद लिया ।दो बत्ती चौराहा से रोटरी गार्डन चौराहा तक जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किए गए फन-ए- रतलाम में हर वर्ग को प्रभावित करने वाले आयोजन हुए । इनमें गीत-संगीत, खेलकूद, शारीरिक अभ्यास एवं अन्य सभी उपलब्ध आयोजनों का उपस्थित जनों ने लाभ लिया।
*इन्होंने किया मोटिवेट*
रतलाम कार्यक्रम में सैकड़ों नागरिकों का उत्साहवर्धन करने के लिए उपस्थित कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, जिला पुलिस अधीक्षक श्री गौरव तिवारी, मंडल रेल प्रबंधक श्री आर. एल. सुनकर, महापौर डॉ सुनीता यार्दे, जिला पंचायत सीईओ श्री सोमेश मिश्रा,एडीएम श्री जितेंद्र सिंह चौहान, एसडीएम श्री राहुल धोटे एवं सुश्री शिराली जैन सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी ,गणमान्य जन समाजसेवी, महिलाओं, पुरुषों ने अपनी उपस्थिति से यहां मौजूद प्रत्येक व्यक्ति को मोटिवेट किया।
*वर्ष 19 के आगमन से पूर्व मिले 19 सूत्र*
फन ए रतलाम कार्यक्रम ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आने वाले वर्ष 2019 से पहले शहरवासियों को 19 सूत्र दिए। यह 19 सूत्र जिनसे प्रत्येक व्यक्ति का जीवन सुखद और खुशहाल बनता है। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि इन सूत्रों को यदि व्यक्ति अपनाएं तो हमेशा प्रसन्न रहेगा।
*आयोजन में मिले सूत्र-*
*1.दिनचर्या-* आयोजन का समय 7:30 से था। इस आयोजन में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति ने सुबह जल्दी उठने का प्रयास किया। यही उसकी दिनचर्या को निर्धारित करने का सूत्र बना।
*2. व्यायाम-* यहां पावर ऑफ योगा के माध्यम से योगासन और एरोबिक्स की गतिविधियां सिखाई गई वहीं फिटनेस गैराज के स्टॉल ने लोगों को फिटनेस के मूल मंत्र दिए।
*3. शरीर की सक्रियता* शरीर को दिनभर सक्रिय बनाने के लिए पैदल चलना और उसके साथ शरीर को गतिमान बनाने के लिए डांस जैसी गतिविधियों के माध्यम से सक्रिय रहने का गुरु भी यहां सिखाया गया । अपना इवेंट्स के कलाकारों ने लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
*4. पौष्टिक आहार* – आयोजन में पौष्टिक आहार के स्टॉल लगे थे। इनरव्हील क्लब की सदस्य फ्रूट सलाद दे रही थी। वहीं मूंगफली की चक्की और फलों के रस के स्टॉल भी थे, जिसका आनंद लेकर नागरिकों ने पौष्टिक आहर से दिन की शुरुआत करने का सूत्र लिया।
*5. सामाजिक जुड़ाव-* यहां हर आयु वर्ग के व्यक्ति ने उपस्थित होकर सामाजिक जुड़ाव और सद्भाव भी सीखा। इस प्रकार के आयोजन में सब का मिलन होता है। यह मजबूत समाज की पहचान है ।यह जीवन का बड़ा सूत्र है।
*6. सेहत* यहां समीप स्थित रोटरी गार्डन में प्रतिदिन शारीरिक व्यायाम के लिए उपस्थित होने वाले सदस्यों के साथ आज उपस्थित सदस्यों ने व्यायाम किया और अपनी सेहत के प्रति सजग रहने का संकल्प भी ग्रहण किया।
*7. स्वच्छता-* आयोजन स्थल पर स्वच्छता देखने लायक थी। पूरे स्थल को विभिन्न रंगोलियों से सजाया गया था। साथ ही जगह-जगह पर डस्टबिन भी रखे थे ।इस व्यवस्था ने लोगों को अपने निजी जीवन में भी स्वच्छता अपनाने की प्रेरणा दी।
*8. स्वास्थ्य-* आयोजन स्थल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण की जानकारी, वजन नापने की मशीन पर निशुल्क वजन नापने की व्यवस्था ,अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा ब्लड ग्रुप एवं हिमोग्लोबिन की नि:शुल्क जांच जैसे प्रयासों ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया और नियमित बनाए रखने का सूत्र दिया।
*9. स्वमूल्यांकन* आयोजन स्थल पर जगह जगह सेल्फी प्वाइंट भी बनाए गए थे जिन पर महिला पुरुष एवं बच्चे सेल्फी ले रहे थे। सेल्फी ने उपस्थितजनों को अपने ही हाथों से अपना मूल्यांकन करने का सूत्र प्रदान किया।
*10. प्रलोभन से बचाव-* आयोजन स्थल पर जादूगर सम्राट के जादू आयोजन भी था । यहां पर जादू के विभिन्न खेलों के माध्यम से बताया गया कि प्रलोभन से बचा जाए और जो हकीकत है उसे पहचाना जाए।
*11. प्रकृति के पास-* आयोजन स्थल प्राकृतिक रूप से परिपूर्ण है। यहां पर लोग प्रकृति के पास पहुंचने का गुर सीख पाए और यह सूत्र भी समझा कि दिनचर्या को व्यवस्थित बनाना है तो सुबह प्रकृति के साथ गुजारना जरूरी है।
*12. परिवार के साथ-* लोग पूरे परिवार के साथ यहां उपस्थित थे । किसी मेले में मौज मस्ती का आनंद ले रहे थे। भागदौड़ वाली जिंदगी में परिवार के साथ कुल पल बिताने का अवसर इस आयोजन ने प्रदान किया जो सबके लिए एक सूत्र बन गया।
*13* . *रचनात्मकता* – आयोजन स्थल पर रतलाम एक्टिव लायंस क्लब के कलाकार 5 मिनट में किसी भी व्यक्ति का पोट्रेट बना रहे थे । पेपर आर्ट बनाकर उपस्थितजनों को बेकार कागज से सुंदर चीजें बनाना सिखाया जा रहा था। महिलाएं क्राफ्ट की सामग्री बनाना सिखा रही थी। बैग, चूड़ी, बांस की टोकरी, झाड़ू इत्यादि वस्तुएं भी यहां प्रदर्शित थी जो प्रत्येक व्यक्ति को रचनात्मक होने का सूत्र दे रही थी।
*14. सक्रियता-* जीवन में सक्रिय रहने का गुर भी इस आयोजन ने सिखाया। यहां ऊंट की सवारी , घुड़सवारी का आनंद छोटे -बड़े सभी ले रहे थे । यह प्रत्येक परिस्थिति में सक्रिय बने रहने का संदेश था।
*15.खेल-* जीवन में अनुशासन के लिए खेल आवश्यक है। यहां नन्हे बच्चे स्केटिंग कर रहे थे । शूटिंग स्टॉल पर निशाना साथ कर गुब्बारे फोड़ रहे थे और शारीरिक अभ्यास कर निरंतर खेलों से जुड़ने का संदेश दे रहे थे।
*16.संगीत* – संगीत के जीवन में महत्व को स्थापित करते हुए आयोजन स्थल पर ग्रोइंग इंडिया एवं रिदम म्यूजिकल ग्रुप , गुजराती समाज विद्यालय के कलाकारों द्वारा राष्ट्रीय गीत, गिरीश कराओके द्वारा संगीता जैन के मधुर गीतों की प्रस्तुति आयोजन स्थल पर मधुर संगीत बिखेर कर जीवन को सुरीला बनाने का सूत्र दे रही थी।
*17. संरक्षण* – बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के संदेश को प्रसारित करता स्टॉल यहां लोगों को बेटियों के संरक्षण की सीख दे रहा था, जो जीवन का एक सूत्र है।
*18 .भविष्य की परख-* आयोजन स्थल पर बच्चों का आर्केस्ट्रा सभी को प्रभावित कर रहा था । द ग्रोइंग इंडिया के स्टेज पर नन्हे बच्चे तबला, हारमोनियम ,गिटार, ड्रम, कांगो जैसे साज बजाने के साथ अपना गायन प्रस्तुत कर सभी को यह सूत्र सिखा रहे थे कि बच्चों की परख से ही भविष्य की परख हो सकती है।
*19. एक लय,एक ताल -* आयोजन में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति अपने पद, अपने कद और अपने अहम को त्याग कर एक साथ एक लय पर इस आयोजन का आनंद ले रहा था। इस एकरूपता ने एक लय, एक ताल और एक साथमिलकर अपने कदम बढ़ाने का संदेश और जीवन सूत्र शहर को दिया ।

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