Visitors Views 147

नेताओं के अहम के चलते ख़त्म कर दिए कई जलस्त्रोत…

breaking रतलाम

रतलाम|

नगर पालिक निगम में वर्षों से भाजपा परिषद काबीज है, वही प्रदेश में भी शिवराज जी की सरकार तथा केन्द्र में भी कमलछाप सत्ता है। फिर भी रतलाम नगरवासी पानी की किल्लत से प्रतिवर्ष जूझते है। वर्षा के पर्याप्त पानी को सहजने के लिए माकुल इंतजाम जनप्रतिनिधि सहित भाजपा सरकार क्यों नहीं कर पा रही है। प्रतिवर्ष सत्ता एवं विपक्ष पानी के नाम पर राजनीति करते आए है। पानी के नाम पर संसाधनों पर आकस्मिक व्यय प्रतिवर्ष जिम्मेदार एवं निगम करती आई है। लेकिन स्थाई हल निकालने की इच्छाशक्ति की कमी के चलते नेतागण एक-दुसरे पर शब्दबाण पानी की समस्या को लेकर चलाते रहते है। मध्यम वर्गीय, सामान्य या अन्य तपके के नाम पर राजनीति कर नेता अपने वोट बैंक को बनाये रखने के लिए भी कुछ कुटनीतिज्ञ पानी की समस्या यथावत रखते है। ताकि सुर्खियों में बने रहे। भारतवर्ष के अतीत में झांक कर देखे तो पहले शासक अपनी प्रजा के लिए पानी के लिए जगह-जगह कुँए खुदवाते, बावड़ियों का निर्माण करवाते थे। जो आज प्रजातंत्र में देखने को नही मिल रहा है। बल्कि रतलाम में तो कई रियासत के समय की बावड़ियों को सत्ता के पूजारियों, भूमाफियाओें ने
भराव कर पुरातत्व निशानियों को खत्म कर दिया। उदाहरण के लिए पटरीपार अलकापुरी के सामने ‘बावड़ी की चाल’ हुआ करती थी, तथा औद्योगिक क्षैत्र की जनता द्वारा नवरात्री एवं गणेश विसर्जन के समय ‘बावड़ी की चाल’ स्थित बावड़ी पर ही अंतिम पूजा अर्चना की जाती थी। लेकिन आज की पीढ़ी को नहीं पता हैं कि जहां बड़ी-बड़ी अट्टालिका बनी है उस क्षैत्र में जिंदा बावड़ी थी। जिसकी ‘आव’ कभी खत्म नहीं होती थी। ऐसे शहर के कई जलस्त्रोतों को खत्म कर दिया |गया। वही दुसरी ओर शहर में ‘पानी’ बेचने का धंधा फलपूâल रहा है। जो कभी लोग किसी राहगीर को पानी पिलाने में परमार्थ समझते थे। आज पथिक पैसे से पानी खरीद कर पी रहा है। पानी की राजनीति में नगर निगम आयुक्त एवं महापौर की रस्साकसी में आमजन प्यासे मर रहे है। हालांकि नगर विधायक ने 100 हॉर्स पॉवर एवं 60 हॉर्स पॉवर के पम्प अहमदाबाद एवं वापी से खरीदकर नगर निगम रतलाम को दिए। प्रश्न यह हैं कि शहर में कई गणमान्य दानदाता है जो मुक्तहस्त से जनकार्य को करने के लिए सदैव तत्पर रहते है। क्या रतलामी जिम्मेदार आपस में मिल बैठकर राजनीति से ऊपर उठकर अपने शहर की पेयजल व्यवस्था को स्थाईत्व देने में सकारात्मकता दिखायेंगे…?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Visitors Views 147