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एस.पी. तिवारी, कलेक्टर चौहान की सक्रियता से आमजन को बंधी आस, अब नेताओं के भी हटेंगे अतिक्रमण

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रतलाम | प्रकाश तंवर
शहर में रसूखदारों की रंगदारी के आगे जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन को मौन रहते देखा गया हैं विंâतु अब ऐसा नहीं होगा। नेतागिरी का स्तर ऐसा की पैसे वालों के आगे-पीछे कुछ चाटूकार दूम हिलाते रहते है। कुछ न्यायप्रिय जनसेवक है। जिन्हें हर एक पार्टी में हासिये पर रखा जाता है। ऐसे में नगर में अतिक्रमण चरम पर है। व्यवसायिक इमारतों में मालिक के पास (कर्मशियल बिल्डिंगों) के पूर्ण दस्तावेज नहीं है। नगर निगम नक्शे में, जहां पार्किंग की जगह है, वहां भी मकान मालिक धंधा, व्यवसाय कर रहा है। ऐसे में ग्राहकों के वाहन सड़को पर बेतरतिब खड़े रहते है। घास बाजार, सायर चबुतरा, माणकचौक, चौमुखीपुल, कॉलेज रोड़, चांदनी चौक सहित आस-पास के क्षैत्र में कई कर्मशियल बिल्डिंगे है। लेकिन जब पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन (नगर निगम प्रशासन) आमजन के हित में सड़को से अतिक्रमण हटाने एवं बिल्डिंग मालिकों से पार्विंâग की बात करते हैं, तो कुद सिरफिरे अपनी व्यक्तिगत लाभ की बातों को ध्यान में रखते हुए, न्यायालय की शरण में चले जाते है। और प्रशासन की जनहित में की जाने वाली अनिवार्य सेवा को प्रभावित करते है। घास बाजार के मार्वेâट का प्रकरण कोर्ट पहुंचा, और अतिक्रमणकर्ताओं के हौसले बुलंद हो गये। न्यू रोड़ स्थित मार्वेâट से लगाकर शहर के अधिकांश क्षैत्र में पार्विंâग व्यवस्था नही के बराबर है। परिणाम यह हैं, कि राहगीरों को पैदल चलने में भी दिक्कत आती है। नगर में जहां सकड़े मार्ग हैं, वहां पर भी दुकानदार पुâटपात तक कब्जा करने में गुरेज नहीं करते है। नीमचौक स्थित सब्जी मण्डी के कारण यातायात अवरूद्ध होता है। चांदनीचौक, त्रिपोलिया गेट के बीच सब्जी फल-फ्रूट के ठेलागाड़ियों से तथा सैलाना बस स्टेण्ड के आस-पास महाराणा प्रताप स्टेच्यू के बगल में पुलिस सहायता केन्द्र के पास अतिक्रमण से वाहनों को चौराहे से घुमाने में बड़ी दिक्कते आती है। भविष्य में कभी भी अनहोनी घटीत होने की शंका हमेशा बनी रहती है। बुुजुर्ग एवं दिव्यांग अस्त-व्यस्त यातायात की वजह से सड़क पार नहीं कर पाते है। हमेशा सड़क सुरक्षा सप्ताह-पखवाड़ा भी मनाते है। लेकिन प्रशासन से लोहा लेने के लिए शहर के कुछ मुट्ठीभर हमेशा सक्रिय रहते है। यही कारण हैं, कि नीमचौक सब्जीमण्डी आज तक काशीनाथ के नोहरे में स्थाई रूप से स्थापित नहीं हुई है। और ना ही आवारा मवेशियों के मालिकों पर निगम प्रशासन नकेल कस पाया। अब आमजन को जिलाधीश श्रीमती रूचिका चौहान एवं जिला पुलिस अधिक्षक श्री गौरव तिवारी से पूरी उम्मीद हैं, कि शहर को स्वच्छ सुंदर एवं सुरक्षित बनाने में बाधा डालने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही करेंगे तथा चार पहिया वाहन, तीन पहिया वाहन, दो पहिया वाहन चालकों, को शहर में संतुलित गति से वाहन चलाने के निर्देश देंगे। तभी अप्रिय घटनाओं में कमी आ पायेगी। तथा पैदल राहगीर भी सुरक्षित अपने गंतव्य पर पहुंच पाने के कोई कठिनाई मेहसूस नहीं करेंगे।

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