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फिजियोथेरेपी मोटापे की समस्या से लड़ने में मददगार हैं- डॉ. राम पंवार

स्वास्थ्य

फिजियोथेरेपी मानव जीवन को अधिकतम गतिशील और स्वस्थ बनाने में कारगर साबित हो रही है। यह पैथी अब दर्द प्रबंधन और व्यायाम के अग्रणी क्षैत्रों में जा रही है। यह एक पूरक चिकित्सा पद्धति है। फिजियोथेरेपी सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और दिल की बीमारी तथा मोटोपे जैसी समस्याओं का मुकाबला करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हमारे जीवन में व्यायाम मुख्य स्वास्थ्य एजेंडे पर दृढ़ता से बैठता है। और हमारे व हमारे परिवार व समाज के सभी वर्गो के लिए आवश्यक भी हो गया है। फिजियोथेरेपी का उद्देश्य मोच, लकवा, व कमर दर्द या प्रेâक्चर के बाद की जकड़न व उसकी कसरत तक ही सीमित नहीं है। बल्कि इसका उद्देश्य जीवन को बढ़ाने व दवाओं के अनुवूâल प्रभावों को कम करने, हमारी शारीरिक क्षमताओं को उम्र अनुसार सुचारू रूप से संचलन में भी आवश्यक हो गया है। इलेक्ट्रोथेरेपी का उपयोग करना मरीज की समस्या के अनुसार न कि हमें इसे विस्तारित करना है। मतलब अब स्ट्रोक व लकवा मरीजों के लिए इड्रोथेरेपी, बच्चो के लिए डेवलपमेंट प्रोग्राम और भी उन्नत स्तर पर परामर्श व इसकी भूमिका भिन्न-भिन्न क्षैत्रों में अनंत स्तरको दर्शा रही है। मोटोपे से हमारे समाज और हमारी अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य पर एक स्पष्ट और गहरा असर पड़ता है। और बढ़ते प्रसार के साथ यह एक बेहद प्रासंगिक क्षैत्र है। फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में स्वास्थ्य के जैव चिकित्सा मॉडल के अनुसार मोटापे का उपचार संतुलन को सम्बोधित करते हुए, अतिरिक्त शारीरिक वसा की शारीरिक समस्या पर ध्यान केन्द्रित करके समस्या अनुरूप बॉयोसाइको सामाजिक मॉडल तैयार कर इस गंभीर समस्या से छुटकारा पा सकते है। आहार प्रबंधन व व्यायाम साथ में पूर्व जमा वसा के लिए तकनीकी उपकरणों की मदद व अपनी दिनचर्या का पूर्ण समयानुसार सुनियोजित ढंग से अनुसरण। सबको साथ मिलाकर करने से मोटापे का निराकरण सम्भव है।

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