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स्वार्थ की राजनीति में कांग्रेस निगम के साथ

breaking रतलाम

रतलाम| राजेश झाला ए.रज़्ज़ाक

रतलाम नगर निगम को स्वच्छता की दौड़ में अव्वल आना है | इसीलिए सरकार को आवेदन देना ताकि नगर निगम स्वच्छता की 3 स्टार रेटिंग के लिए कागजी खानापूर्ति में फिट हो जाए | इसके लिए निगम के नौकरशाहों का दबदबा पार्षदों पर दिखा| क्योंकि ग्राउंड लेवल पर साफ सफाई के पते नहीं, और पार्षदों ने वार्डवासियों के साथ नैतिक अन्याय करते हुए गलत जानकारी  को पुख्ता बताते हुए हस्ताक्षर कर दिए| रतलामी जनता को इस बात से हैरानी और परेशानी है, कि शहर के 49 पार्षदों में से 39 पार्षदों ने घोषणा पत्र पर दस्तखत कर दिए| जनप्रतिनिधियों ने जनता के साथ जो विश्वासघात किया है, उसका असर चुनाव में दिखेगा| रतलामी राजनीति के चर्चे पूरे प्रदेश में है, कि सत्ताधारी पार्षद नगर निगम के अफसरों के दबाव में नहीं आए  किंतु विपक्षी कांग्रेसी पार्षदों की आखिर क्या मजबूरी रही ? की आम जन की भावनाओं के विरुद्ध निगम कर्मचारियों की भावना के अनुरूप साइन कर दिए| वार्ड नंबर 16, 25, 30, 31, 32, 34, 36, 37, 38 एवं वार्ड नंबर 48 के पार्षदों ने गलत घोषणा पत्र पर अपने हस्ताक्षर नहीं किए| इंदौर और रतलाम में लगभग 110 किलोमीटर की दूरी है| रतलामी नौकरशाह और नेता कागजों पर स्वच्छता में अव्वल आने की जुगाड़ में है| वहीं इंदौर स्वच्छता के लिए प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में जाना जाता है| आमजन में यह चर्चा है कि क्या इन दौरों से मिनी स्मार्ट सिटी वाले रतलामी जिम्मेदार राय मशवरा लेंगे ? या फिर रतलामी विकास एक बार फिर राजनीति में उलझ कर रह जाएगा |

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