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सत्ताधारी क्यो हो रहे निरंकुश, पुलिस का सम्मान जनता के दिलों में है…

breaking रतलाम

रतलाम | प्रकाश तंवर
जिला पुलिस अधिक्षक (एस.पी) गौरव तिवारी जहां पूरे रतलाम जिले के बासिंदों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए दृढ़ संकल्पित है। वही पुलिस महकमें में व्याप्त भ्रष्ट तत्वों पर टेढ़ी नजर रखे हुए है। जिसका समाज में सकारात्मक संदेश जा रहा है। जिले सहित प्रदेश व देश के नगारिक यह भलीभांति जानते हैं कि पुलिस जवान की २४ घण्टे की नौकरी में कभी भी ड्यूटी बजाने, तैनात रहना पड़ता है। फिर चाहे जवान को शारीरिक पीढ़ा हो रही हो, या फिर कोई पारिवारिक अथवा सामाजिक कार्य हो, पुलिस जवान का परिवार छोटा नहीं होता है। अपितू पूरे समाज का अभिन्न अंग पुलिस जवान होता है। सामाजिक तीज-त्यौहार या राष्ट्र्रीय त्यौहार कई प्रकार के सम्पादित होने वाले कार्यों में पुलिस अपने स्वयं के परिवार के साथ खुशियां नहीं बांटता, बल्कि समाज में जिस क्षैत्र में उनकी ड्यूटी होती है। वही के नागरिकों के बीच अपनों की खुशियों का एहसास करता है। हालांकि हम सब इंसान सामाजिक प्राणी है। लेकिन पुलिस स्वयं अपने परिवार से दूर रहकर आम नागरिकों के परिवार की सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तेदी के साथ लगी रहती है। वैसे तो अनाज में वंâकड होते ही है। वैसे ही सिस्टम में कुछ अपवाद स्वरूप ऐसी घटनाएं उजागर होती है। जिससे विभाग के लिए कभी-कभी नकारात्मक बातो सामने आती है। लेकिन भारतीय समाज का बहुत बड़ा तपका इंसाफपरस्त है। अपनी करनी और कथनी को समाजहित में एकरूप से चलाने वाले एस.पी. सिंघम गौरव तिवारी जैसे जिम्मेदार पुलिस अफसरों पर सरकार का अनर्गल दबाव नहीं रहे, तो निश्चित रूप से समाज एवं सिस्टम में ईमानदारी का ग्राफ बढ़ जायेगा। आमजनों के हृदय में जहां पुलिस के प्रति सम्मान है, वही अपराधियों के मन में खौफ है।

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